Home of Hope and Dignity for the Elderly in Jhansi
A Home of Hope and Dignity for the Elderly in Jhansi
झांसी लायंस वृद्धाश्रम अब साकार होने की ओर
मानव सेवा का सपना अक्सर किसी एक संवेदनशील और दृढ़निश्चयी व्यक्ति के हृदय में जन्म लेता है। ऐसा ही प्रेरणादायी उदाहरण है आगामी “झांसी लायंस वृद्धाश्रम”, जो लायंस क्लब्स इंटरनेशनल परिवार की एक महत्वपूर्ण मानवीय सेवा परियोजना है। इस परियोजना की कल्पना एवं पहल लायंस झांसी सेवा फाउंडेशन के चेयरमैन आईपीडीजी पीएमजेएफ लायन सीए अनिल अरोरा के दूरदर्शी नेतृत्व में हुई।
कई वर्षों से सीए अनिल अरोरा के मन में समाज के उन वृद्धजनों के प्रति गहरी संवेदना थी, जो गरीबी, अकेलेपन अथवा उपेक्षा के कारण सम्मानजनक जीवन जीने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। जहाँ अनेक लोग केवल वृद्धजनों की समस्याओं पर चर्चा करते रहे, वहीं लायन अनिल अरोरा ने अपनी संवेदनाओं को सेवा के संकल्प में परिवर्तित किया। उनका उद्देश्य केवल एक भवन का निर्माण करना नहीं था, बल्कि ऐसा घर बनाना था जहाँ जरूरतमंद वृद्धजनों को स्नेह, सम्मान, सुरक्षा और अपनापन मिल सके।
जो विचार एक स्वप्न के रूप में प्रारंभ हुआ, वह धीरे-धीरे एक दृढ़ मिशन में परिवर्तित हो गया। यह मार्ग आसान नहीं था। इतने बड़े स्तर के वृद्धाश्रम की स्थापना के लिए निरंतर योजना, आर्थिक संसाधन, प्रशासनिक समन्वय और अटूट समर्पण की आवश्यकता थी। किन्तु सीए अनिल अरोरा अपने लक्ष्य के प्रति सदैव अडिग रहे। उनकी मेहनत, लगन और व्यक्तिगत सहभागिता इस परियोजना की सबसे बड़ी प्रेरक शक्ति बनी। दिन-प्रतिदिन और बैठक-दर-बैठक उन्होंने अथक प्रयास करते हुए इस स्वप्न को वास्तविकता के करीब पहुँचाया।
इस परियोजना को सशक्त आधार प्रदान करने में सचिव पीडीजी लायन प्रदीप अरोरा, कोषाध्यक्ष लायन अलका अरोरा, प्रोजेक्ट चेयरपर्सन लायन राजीव अग्रवाल तथा लायन सीए शोभित अग्रवाल का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। इन सभी ने परियोजना के संचालन, समन्वय और व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
परियोजना को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि तब मिली जब इसे लायंस क्लब्स इंटरनेशनल फाउंडेशन (LCIF) से अनुदान के रूप में महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ। यह सहयोग पूर्व इंटरनेशनल डायरेक्टर लायन जितेन्द्र सिंह चौहान जी, पूर्व इंटरनेशनल डायरेक्टर लायन जी. एस. होरा जी तथा वाइस एरिया लीडर (LCIF) लायन अभिनव सिंह के बहुमूल्य मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन से संभव हो सका। उनके सामूहिक प्रयासों ने इस परियोजना को मजबूत आधार प्रदान किया और सभी में विश्वास एवं उत्साह का संचार किया।
इस महान सेवा कार्य में पीडीजी लायन विश्वेश्वर शुक्ला जी का विशेष योगदान भी अत्यंत उल्लेखनीय रहा। उन्होंने इस परियोजना हेतु लायंस क्लब झांसी विशाल की ओर से उपयुक्त स्थान पर भूमि लीज पर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका सहयोग इस स्वप्न को वास्तविकता में बदलने की आधारशिला सिद्ध हुआ तथा यह सच्ची लायंस सेवा और मानवता के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है।
इन सभी के साथ-साथ अनेक लायन सदस्यों एवं उदार गैर-लायन दानदाताओं ने भी आर्थिक एवं नैतिक सहयोग प्रदान किया, जो सामूहिक सेवा भावना और करुणा का प्रेरणादायी प्रतीक है।
आज झांसी लायंस वृद्धाश्रम लगभग पूर्णता की ओर है और समर्पण, टीमवर्क तथा मानव सेवा का गौरवशाली प्रतीक बन चुका है। लगभग 69,000 अमेरिकी डॉलर की लागत वाली इस परियोजना में लगभग 52,000 अमेरिकी डॉलर का सहयोग LCIF के माध्यम से प्राप्त हुआ है। यह परियोजना दूरदर्शी नेतृत्व और सामुदायिक सहभागिता की शक्ति का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है।
सबसे बढ़कर, यह उपलब्धि सीए अनिल अरोरा के असाधारण संकल्प और सेवा भावना को दर्शाती है। समाज के जरूरतमंद वृद्धजनों की सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने एक स्वप्न को स्थायी मानवीय संस्था का रूप दे दिया है। शीघ्र ही प्रारंभ होने वाला यह वृद्धाश्रम न केवल वृद्धजनों को आश्रय देगा, बल्कि उनके जीवन में आशा, सम्मान और स्नेह का संचार भी करेगा।
जैसे-जैसे झांसी लायंस वृद्धाश्रम के द्वार खुलने की तैयारी कर रहे हैं, यह परियोजना इस बात का उज्ज्वल उदाहरण बनकर सामने आती है कि किस प्रकार एक व्यक्ति का दृढ़ संकल्प, समर्पित लायंस नेतृत्व एवं संवेदनशील दानदाताओं का सहयोग पूरे समाज को मानवता की सेवा के लिए प्रेरित कर सकता है।





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