A Decision That Brought Light into Two Lives
A Decision That Brought Light into Two Lives
एक ऐसा निर्णय, जिसने दो जीवनों में रोशनी भर दी :
कमलेश भारद्वाज की स्मृतियों से
मेरे बड़े भाई, वरिष्ठ दंत चिकित्सक डॉ. एस.सी. भारद्वाज, मेरे लिए केवल एक चिकित्सक या परिवार के सदस्य नहीं थे, बल्कि एक संवेदनशील, सेवाभावी और मानवीय मूल्यों से परिपूर्ण व्यक्तित्व थे। उनके निधन का समाचार हमारे पूरे परिवार के लिए अत्यंत पीड़ादायक था। ऐसे कठिन और भावुक समय में भी हमारे सामने यह विचार आया कि यदि उनके जाने के बाद उनकी आंखें किसी के जीवन में प्रकाश ला सकती हैं, तो इससे बड़ी श्रद्धांजलि और क्या हो सकती है।
इसी भावना के साथ उनके पुत्र डॉ. समीर भारद्वाज ने नेत्रदान की सहमति दी। परिवार के लिए यह निर्णय भावनात्मक रूप से कठिन था, लेकिन इसके साथ एक गहरा संतोष भी जुड़ा था। हमें लगा कि मेरे भाई ने जीवनभर जिस सेवा-भाव और मानवीय संवेदना को महत्व दिया, वह उनके जाने के बाद भी किसी न किसी रूप में जीवित रहेगी।
लायंस आई बैंक, वाराणसी , डिस्ट्रिक्ट 321E के माध्यम से नेत्रदान की प्रक्रिया सम्पन्न हुई। इस अवसर ने हमें यह अनुभव कराया कि मृत्यु जीवन का अंत अवश्य है, लेकिन सेवा की भावना का अंत नहीं होता। एक व्यक्ति की आंखें दो जरूरतमंद लोगों के जीवन में दृष्टि का उजाला ला सकती हैं। इससे बड़ा मानवीय संदेश और क्या हो सकता है कि मृत्यु के बाद भी किसी दूसरे के जीवन को रोशन करने का माध्यम बना जाए।
इस पुनीत कार्य में आईएमए वाराणसी के अध्यक्ष एवं लायंस आई बैंक के प्रभारी लायन डॉ. अनुराग टंडन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। नेत्रदान एवं दृष्टि-जागरूकता के क्षेत्र में उनके निरंतर प्रयास अत्यंत प्रशंसनीय हैं। उनके प्रयासों से वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में अनेक परिवार नेत्रदान के महत्व को समझ रहे हैं और इस महान सेवा कार्य के लिए आगे आ रहे हैं।
लायंस आई बैंक के अध्यक्ष लायन मुकुंद लाल टंडन ने हमारे परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए डॉ. समीर भारद्वाज के निर्णय की सराहना की। उन्होंने यह भी कहा कि नेत्रदान ऐसा महान कार्य है, जिसका प्रभाव किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में वर्षों तक बना रहता है। उनके शब्दों ने हमारे परिवार को यह विश्वास दिया कि मेरे भाई का यह योगदान समाज के लिए प्रेरणा बनेगा।
मैं वाराणसी और आसपास के सभी लोगों से आग्रह करना चाहता हूं कि नेत्रदान को केवल एक चिकित्सा प्रक्रिया न समझें, बल्कि इसे मानवता की अमूल्य सेवा के रूप में देखें। लायंस इंटरनेशनल का “Vision” ग्लोबल कॉज दृष्टिहीनता की रोकथाम, दृष्टि संरक्षण और जरूरतमंद लोगों को दृष्टि का उपहार देने के लिए समर्पित है।
मेरे भाई डॉ. एस.सी. भारद्वाज का नेत्रदान हमारे परिवार के लिए केवल एक सेवा कार्य नहीं, बल्कि उनकी स्मृति को जीवित रखने का माध्यम है। हमें विश्वास है कि उनकी आंखों से किसी के जीवन में आने वाला प्रकाश ही उनके प्रति हमारी सबसे सच्ची श्रद्धांजलि होगी , एक ऐसी श्रद्धांजलि, जिसमें मृत्यु के बाद भी जीवन को रोशनी मिलती रहेगी।

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